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Dosti

मैं शायर हूं किसी का उधार नहीं रखता जब जी चाहा मन की आंखों से देख लेता हूं नज़रों के सामने अपना दिलदार नहीं रखता ना जाने कब किसकी दहलीज़ पर आ जाए ये वक्त कभी भी खुद को तैयार नहीं रखता

दोस्ती से कीमती कोइ जागीर नहीं होती, दोस्ती से खुबसूरत कोई तस्वीर नहीं होती, दोस्ती यूँ तो कच्चा धागा है मगर, इस धागे से मजबूत कोई जंजीर नहीं होती !!


इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ सब कुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ जो लोग करते हैं मुझे गिराने की कोशिश मैं अक्सर उन्ही के साथ रहता हूँ


 एक दिन उम्र ने तलाशी ली, 
तो जेब से लम्हे बरामद हुए, 

कुछ गम के थे, 
कुछ नम के थे, 
कुछ टूटे हुए थे, 

जो सही सलामत मिले, 
वो बचपन के थे, 

बचपन कितना खूबसूरत था, 
तब "खिलौने" जिंदगी "थें, 
आज जिंदगी "खिलौना" है
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जिसको बसना है  ज़न्नत में,   वो 😘 बेशक़ जाकर🏃 बसे..  
अपना तो
आशियाना ..  दोस्तों👬 के ❤ ❤   दिल में है...
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बरसात आये तो ज़मीन गीली न हो,
धूप आये तो सरसों पीली न हो,
ए दोस्त तूने यह कैसे सोच लिया कि,
तेरी याद आये और पलकें गीली न हों।

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Dosti Dosti Reviewed by allshayri on October 16, 2019 Rating: 5

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